Cosmos · · 1 min read
NASA का रोमन अंतरिक्ष दूरबीन उड़ान भरता है: खगोल विज्ञान क्यों बदल सकता है
4.3 अरब डॉलर का नैंसी ग्रेस रोमन दूरबीन हबल से सौ गुना क्षेत्र देकर डार्क एनर्जी, डार्क मैटर और सौरमंडल से परे संसारों का नक्शा बनाएगा।
NASA का नैंसी ग्रेस रोमन अंतरिक्ष दूरबीन तैयार है। हबल जैसा दर्पण, कहीं व्यापक क्षेत्र, आकाश का जनगणना करने को बना।
सर्वेक्षण के लिए बनी दूरबीन {#a-telescope-built-for-surveys}
रोमन का एक एक्सपोज़र सौ से अधिक हबल क्षेत्रों के बराबर है।
डार्क एनर्जी और फैलता ब्रह्मांड {#dark-energy-and-the-expanding-universe}
कमज़ोर लेंस, सुपरनोवा और बेरिऑन ध्वनिक दोलन यह जाँचेंगे कि डार्क एनर्जी स्थिरांक है या नहीं।
सौरमंडल से परे संसारों की खोज {#hunting-for-worlds-beyond-our-solar-system}
उन्नत कोरोनोग्राफ प्रत्यक्ष चित्रण और माइक्रोलेंस खोजेगा।
अदृश्य का मानचित्र {#mapping-the-invisible-dark-matter-and-galaxy-evolution}
गुरुत्व विकृति मानचित्र बताएँगे डार्क मैटर कैसे गुच्छित होता है।
जासूस उपग्रह से प्रमुख वेधशाला {#from-spy-satellite-to-flagship-observatory}
दर्पण स्थलीय टोही कार्यक्रम से विज्ञान वेधशाला बना।
प्रक्षेपण और प्रारंभिक संचालन {#launch-and-early-operations}
उड़ान के बाद फैलाव, फोकस और अंशांकन।
खगोलविद उत्साहित क्यों हैं {#why-astronomers-are-excited}
रोमन हबल/वेब की बारीकी और आधुनिक ब्रह्मांडिकी के आँकड़ों के बीच का अंतर भरता है।